LABOUR & WORKERS PORTAL
निर्माण स्थल पर काम करने का तरीका, सुरक्षा नियम और श्रमिकों की दिनचर्या
निर्माण श्रमिक किन-किन जगहों पर काम करते हैं
बहुमंजिला इमारतों का निर्माण। यहाँ सबसे ज्यादा खतरा होता है और सुरक्षा नियम सबसे कड़े होते हैं।
राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और सड़कों का निर्माण। खुले माहौल में काम होता है।
नदी पुल, फ्लाईओवर और आरओबी का निर्माण। तकनीकी रूप से सबसे जटिल काम।
मेट्रो रेल, सबवे और टनल का निर्माण। भूमिगत काम सबसे चुनौतीपूर्ण।
बड़े औद्योगिक संयंत्र, पावर प्लांट और रिफाइनरी का निर्माण।
अपार्टमेंट, विला और हाउसिंग सोसाइटी का निर्माण। सबसे ज्यादा रोजगार देने वाला क्षेत्र।
हर निर्माण स्थल पर अनिवार्य रूप से लागू होने वाले नियम
हेलमेट, सेफ्टी शूज, रिफ्लेक्टिव जैकेट, दस्ताने, और आंखों की सुरक्षा हर समय अनिवार्य। बिना PPE किसी को साइट पर एंट्री नहीं।
पूरी साइट को बैरिकेड करना अनिवार्य। खतरनाक क्षेत्रों पर रेड टेप और वार्निंग साइन लगाने चाहिए। रात में रिफ्लेक्टिव साइन जरूरी।
सभी इलेक्ट्रिकल कनेक्शन MCB protected होने चाहिए। गीले हाथों से बिजली के उपकरण न छुएं। तारों को उचित इंसुलेशन चाहिए।
हर साइट पर फायर एक्सटिंग्विशर, फायर बकेट और सैंड बकेट रखना अनिवार्य। वेल्डिंग के समय फायर वॉचर मौजूद रहना चाहिए।
स्कैफोल्डिंग की नियमित जांच अनिवार्य। लोड क्षमता से अधिक भार न रखें। गार्डरेल, टोeबोर्ड और मिड-रेल लगाना जरूरी।
हर साइट पर फर्स्ट एड बॉक्स और ट्रेंड फर्स्ट एडर मौजूद रहना चाहिए। नजदीकी अस्पताल का नंबर डिस्प्ले पर लगाना अनिवार्य।
एक निर्माण श्रमिक का सामान्य दिन कैसा होता है
दिन की शुरुआत
पहली शिफ्ट
दोपहर का भोजन ब्रेक
दूसरी शिफ्ट
काम खत्म और आराम
आराम और नींद